जायफल के फायदे और नुकसान - Nutmeg Benefits And Side Effects In Hindi

Nutmeg- 'जायफल' in English
जायफल मसाला तो है ही, औषधीय गुणों की खान भी है। आइए जानते हैं इसके गुण कि किन-किन बीमारियों में कैसे प्रयोग कर सकते हैं। ...
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What is Jaiphal in Hindi –जयफल क्या है?

जायफल (Nutmeg) एक ऐसा लोकप्रिय मसाला है जो दुनिया भर में उपयोग किया जाता है| यह व्यंजनों को एक अद्वितीय स्वाद देता है।

जयफल को ‘मिरिस्टिका फ्रैग्रांस’ नामक जायफल के पेड़ के बीजों से पाया जाता है। यह मसाला इंडोनेशिया के मूल में मिलता है और इसका स्वाद गर्म और मसालेदार होता है।

आप इसे कॉफी, डेसर्ट और पेय पदार्थों पर गार्निश भी कर सकते हैं। यदि आप इसे मलाईदार और लजीज व्यंजनों में शामिल करना चाहते है तो यह अच्छी तरह से मिल जाता है।

आजकल सर्दी-जुकाम जैसी साधारण बीमारियों के लिए भी हम काफी परेशान हो जाते हैं और डॉक्टर के यहां दौड़े-दौड़े चले जाते हैं।

इसका मुख्य कारण यह है कि हमारे किचन में जो चीजें मौजूद हैं, उनके गुणों के बारे में हमें नहीं पता। आज बात करते हैं प्रकृति के अनुपम उपहार जायफल की।

इसे हम मसाले में तो प्रयोग करते हैं, लेकिन इसके और क्या-क्या औषधीय गुण हैं, इनको भी जानना जरूरी है। मिरिस्टिका नामक वृक्ष से जायफल तथा जावित्री प्राप्त होती है।
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मिरिस्टिका प्रजाति की लगभग 80 जातियां हैं, जो भारत, आस्ट्रेलिया तथा प्रशांत महासागर के द्वीपों पर उपलब्ध हैं। मिरिस्टिका वृक्ष के बीज को जायफल कहते हैं।

इस वृक्ष का फल छोटी नाशपाती के रूप का एक इंच से डेढ़ इंच तक लंबा, हल्के लाल या पीले रंग का गूदेदार होता है।

पकने पर फल दो खंडों में फट जाता है और भीतर सिंदूरी रंग की जावित्री दिखाई देने लगती है।

जावित्री के भीतर गुठली होती है, जिसके कड़े खोल को तोड़ने पर भीतर से जायफल प्राप्त होता है।

आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. केडी रंजन ने इसके औषधीय गुणोें के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। आप भी जानें।

Jaiphal Benefits- जायफल के फायदे

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Benefits of Nutmeg जायफल के फायदे
(Jaifal ke Fayde) के बारे में बात करें तो जायफल में सोडियम,पोटेशियम, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, शर्करा प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जायफल त्वचा की रंगत निखारने और कई गंभीर बीमारियों में अचूक दवा का काम करता है, इसलिए आज हम आपको जायफल के फायदे (Nutmeg Benefits) के बारे में बता रहे हैं।

जायफल खाने में तो स्वादिष्ट होता ही है, लेकिन अपने औषधीय गुणों के कारण इसका महत्व और बढ़ जाता है।
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बिना देर करते हुए नीचे पढ़ें जायफल के फायदे

जायफल में विटामिन ए, बी, सी भरपूर मात्रा में पाएं जाते हैं। इसलिए सर्दियों में जायफल का बेहद ही कम मात्रा में नियमित सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।

Nutmeg Benefits For Teeth In Hindi

जायफल दांत के दर्द से राहत के लिए काफी प्रभावशाली माना जाता है।

दांत के दर्द से राहत पाने के लिए जायफल के पाउडर को दांतों पर लगाए और कुछ समय बाद कुल्ला कर लें। जायफल का तेल भी दाँत के दर्द से आराम दिला सकता है।

दाँत के अंदर बैक्टीरिया दर्द का कारण बन सकता है, और यदि इसका समय पर इलाज ना किया जाए, तो इससे दांतों में किसी तरह की समस्या भी हो सकती है।

जायफल में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो दांतों को सड़ने से बचाते हैं। तभी तो हम देखते हैं कि ज़्यादातर टूथपेस्ट मे दालचीनी और जायफल मिलाया जाता है।
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Jaiphal Ke Labh Memory Ke Liye In Hindi

जायफल का उपयोग दिमाग को बहुत तेज़ बनाता है। इसको खाने से आपको कभी भी भूलने की बीमारी नहीं होगी।

जायफल में मैरिस्टिकिन (myristicin) और मैक्लिग्नान (macelignan) जैसे घटक मौजूद होते हैं जो दिमाग का विकास करने में मदद करते हैं जिससे आमतौर पर डिमेंशिया या अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोग जूझते हैं।

अध्ययनों से पता चला है कि मैरिस्टिकिन और मैक्लिग्नान दिमागी समस्या के प्रभावों को धीमा करने और आपके मस्तिष्क को सामान्य और स्वस्थ बनाने का काम करता है।
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बवासीर की बीमारी के लिये

पंसार की दुकान से 10 जायफल लाकर देसी घी में इतना सेंके कि सूर्ख हो जाये।

फिर इन जायफलों को पीसकर चलनी से छांन ले, इनमें दो कप गेहूं का आटा मिलाकर घीं डालकर फिर से सेकेे।

सेंकने के बाद अपने स्वाद के हिसाब से देसी बूरा, शकर मिला लें, इसकी एक चम्मच रोजाना भूखे पेट खायें बवासीर में लाभ होगा।

Jaifal Ke Fayde Gale Ke Liye In Hindi

नटमेग को गले के विकारों के लिए भी उपयोग किया जाता है। जायफल के उपयोग से आवाज की गुणवत्ता में सुधार होता है।

इसके अतिरिक्त यह गला साफ करने में मदद करता है।

जायफल पाउडर की एक चम्मच को गर्म पानी के साथ मिलाएं, और इससे गरारे करें। इससे आपके गले को आराम मिलेगा।

Nutmeg For Headaches In Hindi

अध्ययन द्वारा यह साबित हुआ है की जायफल सिरदर्द या अन्य शरीर के दर्द को ठीक करने में मदद कर सकता है।

जायफल का पेस्ट सिरदर्द दूर करने के लिए और जोड़ों के दर्द को दूर करने के लिए दर्द वाले हिस्से पर लगाया जाता है।
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इस के उपयोग से दर्द में आराम मिलता है। जायफल में एंटीऑक्सिडेंट्स और सूजन कम करने वाले गुण होते हैं जो न केवल सिरदर्द से छुटकारा दिलाते हैं बल्कि चोट और घावों से जुड़े दर्द को भी कम करने में मदद करते हैं।

Jaiphal Benefits for Weaning Off in Baby in Hindi

ऐसा प्रायः देखा जाता है कि माताएं जब छोटे बच्चों को दूध पीना छुड़ाना चाहती हैं तो बच्चे आसानी से दूध नहीं छोड़ते हैं।

ऐसी स्थिति में जायफल आपके काम आ सकता है। बच्चों को दूध पीना छुड़ाने के  लिए जायफल का प्रयोग करना चाहिए।

यह लाभ देता है। उपयोग के बारे में किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से जरूर पूछ लें।

Jaiphal Ke Fayde - Benefits of Nutmeg in Hindi

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अनिद्रा के लिए जायफल के फायदे

आजकल कई लोगों को अनिद्रा यानी रात को नींद न आने की समस्या होती है।

पूरे दिन काम, घर और अन्य कई चीजों के कारण तनाव की परेशानी होने लगती है और उसका नतीजा अनिद्रा। ऐसे में जायफल का सेवन काफी लाभकारी हो सकता है।

इसके असर से अनिद्रा की समस्या दूर हो सकती है। सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में चुटकी भर जायफल मिलाकर पीने से बेहतर नींद आ सकती है।

Jaiphal Benefits to Treat Skin Scars in Hindi

जायफल को पीसकर (Ground nutmeg) शहद मिला लें। इसे चेहरे पर लगाने से चेहरे के दाग और धब्बे मिटते हैं।

जावित्री और जायफल के बारीक चूर्ण को पानी में घोलकर लेप करने से चेहरे की झाईयाँ मिट जाती हैं।

पाचन शक्ति के लिए जायफल के फायदे

इन दिनों कई लोग वक्त के अभाव में या घर से दूर होने के कारण सिर्फ बाहर का खाना खाते हैं।

ऐसे में ज्यादा तेल-मसाले वाले खाने से पाचन से जुड़ी कई परेशानियां हो सकती हैं।

इस स्थिति में जायफल का सेवन पेट की समस्याओं जैसे – डायरिया व एसिडिटी को ठीक करता है। इससे पाचन शक्ति यानी डाइजेशन की प्रक्रिया में भी सुधार होता है।

दर्द कम करने के लिए जायफल के फायदे

जायफल का उपयोग दर्द व ऐंठन की समस्या के लिए भी किया जा सकता है। खासतौर पर जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द के लिए।

जायफल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और औषधीय गुण दर्द से राहत दिला सकते हैं।

सिर्फ जायफल ही नहीं, बल्कि जायफल का तेल भी आप मांसपेशियों या जोड़ों के दर्द के लिए उपयोग कर सकते हैं।

यहां तक कि गठिये की समस्या को भी कम कर सकते हैं।

Benefits of Nutmeg to Increase Sexual Power in Hindi

कई लोगों को सेक्सुअल पॉवर की कमी होने की शिकायत रहती है। ऐसे लोग पुरुषत्व (मर्दाना ताकत) को बढ़ाने के लिए जायफल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

जायफल, अकरकरा, जायफल, जावित्री, इलायची, कस्तूरी और केसर को दूध में पका लें।

इस दूध में मिश्री मिलाकर पिएं। इससे पौरुष शक्ति (पुरुषत्व) की वृद्धि होती है।

गठिया के लिए जायफल के फायदे

बढ़ती उम्र के साथ हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। कई लोगों को गठिया की भी समस्या हो जाती है। हालांकि, कभी-कभी कम उम्र में भी गठिया हो सकता है।

ऐसे में शुरुआत से ही इस पर ध्यान देना जरूरी है। गठिया होने के कई कारण हैं और उन्हीं में से एक सूजन भी है।

अगर जायफल का सेवन या उसका तेल लगाया जाए, तो गठिया के सूजन व दर्द से राहत मिल सकती है।

जायफल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो गठिया से राहत दिला सकता हैं।


गर्भावस्था की उल्टी होने पर

अधिकतर गर्भवती महिलाओं का जी मचलने लगता हैं, इस तरह की स्थिति में जायफल को पानी में घिसकर पिलाने से बहुत राहत मिलती है।

मिर्गी की बीमारी को दूर भगाये

21 जायफलों में छेद निकालकर रेशम के धागे में पिरोकर इसकी माला पहनें रहने से मिर्गी आना बंद हो जाती है। आधा ग्राम पावडर रोजाना दो बार फांक ले।

मुंहासे को ख़त्म करे (Pimples)

जायफल और 10 काली मिर्च को कच्चे दूध में पीसकर चहरे पर तीन बार रोजाना लेप करें मूंहासे ठीक हो जायेगे। लेप ऐसा हो कि त्वचा ढंकी रहे दिखाई न दे।

चेहरे पर धब्बे या मूंहासें होने पर जायफल को दूध में घिसकर लेप करें, धब्बे मिटते हैं और चेहरा निखरता है।

सर्दी लगने से सिरदर्द हो तो ललाट पर लेप करने से भी लाभ होता है।

Jaiphal Uses

जायफल का उपयोग नमकीन पकवानों (बेक सामान, मछली, सब्जियां और अचार बनाने) के साथ मिठाईयों भी किया जाता है।

इसके अलावा जायफल का उपयोग घरेलू दवाओं के निर्माण, ब्यूटी प्रोडक्ट्स और प्रिजरवेटिव के रुप में होता है।

इसके अलावा कई जगह जायफल का प्रयोग टोटके के लिए भी किया जाता है।

जायफल (jaifal) के औषधीय प्रयोग- Medicinal Uses Of Nutmeg


1. हिचकी
तुलसी के रस में जायफल (jaiphal)को घिसकर एक चम्मच की मात्रा में 3 बार खायें। इससे हिचकी बंद हो जाती है।

चावल के धुले पानी में जायफल को घिसकर पीने से हिचकी व उल्टी बंद हो जाती है।

2. सिर दर्द
कच्चे दूध में जायफल(jaiphal) घिसकर सिर में लगाएं। इससे बहुत आराम मिलेगा।

सिर में दर्द होने पर जायफल को पानी में घिसकर माथे पर लेप की तरह लगाने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है।

3. मुंह के छाले
जायफल (jaiphal)के काढे़ से 3-4 बार गरारें करें। इससे मुंह के छाले नष्ट हो जाते हैं।

जायफल के रस में पानी मिलाकर कुल्ले करने से छाले ठीक हो जाते हैं।

4. बच्चों के दस्त
जायफल को पानी में घिसकर आधा-आधा चम्मच 2-3 बार पिलाएं। इससे बच्चों का दस्त बंद हो जाता है।

5. दस्त
जायफल(jaiphal) को पानी में घिसकर दिन में खुराक के रूप में पीने से सर्दी लगने से बच्चों को होने वाले दस्त में लाभ होता है।

जायफल में गुड़ को मिलाकर छोटी-छोटी गोलियां बनाकर 1-1 गोली को 2-2 घंटे के बाद खाने से कब्ज और बदहजमी के कारण होने वाले दस्त दूर होता है।

जायफल को पानी में घिस लें, फिर उसमें पिसी हुई सौंफ को अच्छी तरह मिला लें। इसे पानी के साथ छोटे बच्चों को 1 दिन में 2 से 3 बार खुराक के रूप में देने से अतिसार यानी टट्टी के लगातार आने में रुकावट होती है।

1 ग्राम जायफल के चूर्ण को आधे कप पानी के साथ दिन में सुबह और शाम पीयें इससे पेट का फूलना, पेट में दर्द और पतले दस्त बंद हो जाते हैं।

जायफल 1 ग्राम, केशर 1 ग्राम और तज 1 ग्राम, छोटी इलायची 480 मिलीग्राम, लौंग 480 मिलीग्राम, खड़िया मिट्ठी 5 ग्राम और चीनी (शक्कर) 9 ग्राम की मात्रा में मिलाकर चूर्ण बनाकर रख लें, इस चूर्ण को चाटने से अतिसार (दस्त) समाप्त हो जाता है।

जायफल के नुकसान – Jaiphal ke Nuksan in Hindi

सामान्य रूप से कम मात्रा में जायफल के सेवन से किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होता है।

यदि इसे अधिक मात्रा में लिया जाता है तो इसके कुछ गंभीर नुकसान हो सकते हैं जो इस प्रकार हैं

जायफल को अधिक मात्रा (लगभग 30 ग्राम) में सेवन करने पर यह आपके लिए जहरीला हो सकता है, जो आपके लिए दोहरी द्रष्टि (double vision) और आवेग पैदा कर सकते हैं।

लेकिन यदि इनका कम मात्रा में उपयोग किया जाए तो यह पूरी तरह से सुरक्षित होता है।

अधिक मात्रा में जायफल का सेवन करने पर कुछ लोगो में प्यास, चक्कर आना, मतली, उल्टी, छाती और पेट दर्द, मुंह का सूखना जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं।

ज्यादा गंभीर (More serious) नुकसानों में क्रोन रोग, दिल के दौरे आदि शामिल हैं।

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को जायफल का अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए।

गर्भवती महिलाओं में यह गर्भापात या जन्म दोष (miscarriages or birth defects) का कारण बन सकता है।