Multani mitti benefits and side effects: मुल्तानी मिट्टी

multani mitti ke fayde in hindi: आइए जानते हैं कि किस तरह से खूबसूरती को निखारने में मुल्तानी मिट्टी फायदेमंद है..

multani mitti benefits and side effects

मुल्तानी मिट्टी के फायदे (Multani Mitti Advantages) वैसे तो बहुत सारे होते हैं। मुल्तानी मिट्टी त्वचा की रंगत निखारने के साथ उसकी नमी बरकरार रखने में मदद करती है। क्योंकि तेज धूप, गर्मी, ऑयली स्किन और बार-बार आने वाले पसीने से त्वचा पर दाग धब्बे (Stains),पिंपल्स (Pimples),त्वचा का डल (Dull Skin) और बेजान होना काफी कॉमन बात है। ऐसे में आज हम आपको मुल्तानी मिट्टी के फायदे (Multani Mitti Benefits In Hindi) मुल्तानी मिट्टी लगाने का तरीका (Multani Mitti Lagane Ka Sahi Tareeka) बता रहे हैं। (also read: Balo ka jhadna kaise roke)

मुल्तानी के फायदे (Multani Mitti Benefits)

multani mitti ke fayde in hindi: खूबसूरती को निखारने व संवारने के लिए मुल्तानी मिट्टी का उपयोग शुरू से ही होता आया है। दरअसल, इसमें कई ऐसी क्वॉलिटीज हैं, जिन्हें अगर आप जान लें, तो इसे और बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकती हैं। जानिए इसके फायदों के बारे में :

जब बात आए खूबसूरत और चमकदार त्वचा की, तो ‘मुल्तानी मिट्टी’ से बेहतर कोई घरेलू उपचार नहीं हो सकता। बाजार में आसानी से मिल जाने वाली मुल्तानी मिट्टी लगभग हर किसी ने लगाई होगी। सिर्फ घरों में ही नहीं, बल्कि ब्यूटी पार्लर में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। यहां तक कि कई स्किन केयर उत्पाद में भी यह शामिल होती है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि मुल्तानी मिट्टी के फायदे न सिर्फ त्वचा के लिए, बल्कि बालों और स्वास्थ्य के लिए भी हैं।
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मुल्तानी मिट्टी क्या है?- What is Fuller’s Earth (Multani Mitti)?

इससे पहले कि हम मुल्तानी मिट्टी के फायदे बताएं, आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुल्तानी मिट्टी क्या है। मुल्तानी मिट्टी को इंग्लिश में फुलर्स अर्थ (fuller’s earth in Hindi) कहते हैं। मुल्तानी मिट्टी मुख्य रूप से हाइड्रेटेड एल्यूमीनियम सिलिकेट्स का रूप हैं, जिसमें मैग्नीशियम, सोडियम और कैल्शियम जैसे धातु के अणु होते हैं।

इस मिट्टी में मोंटमोरिल्लोनाइट (Montmorillonite) के अलावा एटापुलगाइट (attapulgite) और पैलगोरोसाइट (palygorskite) जैसे प्रमुख खनिज भी शामिल हैं। मुल्तानी मिट्टी त्वचा से गंदगी को निकालती है और त्वचा में होने वाले किसी भी प्रकार की खुजली से राहत दिलाती है।

दरअसल 18वीं शताब्दी में मुल्तान भारत का हिस्सा हुआ करता था। तब वहां के लोगों का परिचय इस मिट्टी के चमत्कारिक गुणों से हुआ। इसके बाद मुल्तान के घुमंतू कारोबारियों ने भारत के दूसरे हिस्सों में भी इसकी बिक्री शुरू कर दी।

मुल्तानी मिट्टी के गुणों पर उस जमाने के आयुर्वेदिक ग्रंथों में भी काफी कुछ लिखा गया। बाद में इस मिट्टी के गुणों पर काफी शोध हुआ और आज इस मिट्टी को पुरातात्विक महत्व के स्मारकों जैसे ताजमहल की साफ-सफाई के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।
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Multani Mitti Benefits For Skin

स्किन को देती है शाइनिंग : मुल्तानी मिट्टी स्किन को क्लीन कर मिनटों में शाइनिंग देती है। दरअसल, इसमें मैग्नीशियम क्लोराइड होता है, जो स्किन पर आने वाली प्रॉब्लम्स से आपको निजात दिलाता है।

ऑयली स्किन के लिए फायदेमंद : अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो आपके चेहरे के लिए मुल्तानी मिट्टी का पेस्ट सबसे फायदेमंद रहेगा। सुबह या शाम जब भी समय मिले, इसे तकरीबन पांच मिनट के लिए फेस पर लगा लें। इससे स्किन का ऑयलीपन खत्म हो जाएगा।

दरअसल, स्किन में ऑयल होने से त्वचा के रोम छिद्र बंद हो जाते है, जो कील-मुंहासे व दाने होने की खास वजह बनते हैं। यही नहीं, ऑयली स्किन के कारण कई बार ब्लैकहेड्स और वाइट हेड्स भी हो जाते है, परन्तु मुल्तानी मिट्टी के इस्तेमाल से यह समस्या आसानी से दूर हो जाती है।

मुंहासे से छुटकारा : मुल्तानी मिट्टी में पाए जाने वाले तत्व फेस से मुंहासे हटाने में आपकी मदद करते हैं। यही वजह है कि मुंहासों की समस्या या ऑयली स्किन पर इसका इस्तेमाल बहुत फायदेमंद माना जाता है।

अगर आपके चेहरे की त्वचा बेहद डल और बेजान हो गई है, तो ऐसे में रोजाना मुल्तानी मिट्टी का फेस पैक 10-15 मिनट लगाने से त्वचा में कसाव आता है।

क्लीनजर– मुल्तानी मिटटी एक क्लीनजर की तरह भी इस्तेमाल की जाती है। आपके चेहरे पर गन्दगी जम जाती है ज्यादा धूल मिटटी में जाने से। आप मुल्तानी मिटटी का पैक बनाकर चेहरे पर लगाए इससे आपका चेहरा साफ हो जाएगा यह एक तरह से क्लीनजर की तरह प्रयोग होगा।

स्क्रबर– बाजार में बहुत तरह के फेस स्क्रबर मिलते है जिनमे तरह तरह के केमिकल मिले हुए होते है। इनका इस्तेमाल करने से आपको साइड इफेक्ट्स हो जाते है और आपका चेहरा खराब हो जाता है। इन सब से अच्छा है आप मुल्तानी मिटटी का इस्तेमाल करे। इसकी मदद से फेस की मसाज करे और एक स्क्रबर की तरह यूज़ करे।

ऑयली स्किन– मुल्तानी मिटटी में गुलाब जल और निम्बू का रस मिलाकर एक मिश्रण तैयार कर ले। इस पैक को अपने चेहरे पर लगाए। कम से कम 30 मिनट के बाद उसे साफ पानी से धो ले।

आपकी ऑयली स्किन के लिए यह बहुत ही लाभदायक है। इसकी मदद से चेहरे की गन्दगी, अधिक तेल और डेड स्किन सेल खत्म हो जाएंगे।

मुल्तानी मिट्टी और दही को मिक्स करके चेहरे पर लगाएं और सूखने पर चेहरे को साफ पानी से धो लें। इससे आप वक्त से पहले आने वाली बढ़ती उम्र के निशानों को आने से रोक सकती हैं।

मुल्तानी मिट्टी को पीसकर गुलाब जल में मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा में नमी बरकरार रहती है। जिससे तेज धूप और गर्मी के बावजूद त्वचा रूखी और ड्राई नहीं होती।

मुल्तानी मिट्टी पुराने निशान और जलने के निशान को कम करने में मदद करती है। घाव के निशान को कम करने के लिए आप 1 बड़ा चम्मच मुल्तानी मिट्टी, 1 बड़ा चम्मच गाजर का पेस्ट और 1 चम्मच जैतून का तेल लें।

अब एक कटोरे में इन सब सामग्री को अच्छे से मिलाएं। अपनी त्वचा को माइल्ड क्लींजर से साफ करें और तौलिए से सुखाएं। अब इस मिश्रण को प्रभावित क्षेत्र पर 15 मिनिट के लिए लगायें। फिर इसे एक तौलिये से पोंछ लें। इस आप दिन में दो बार लगायें।
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Multani Mitti Benefits For Hair

कई वर्षों से लोग रूसी के इलाज के लिए मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। यह तेल, ग्रीज़ और गंदगी को सोख लेता है, जो रूसी के प्रमुख कारक हैं। इसके अलावा, यह सिर में रक्त परिसंचरण को बढ़ावा देता है जो कि सिर को साफ और फ्लेक्स से मुक्त रखने के लिए आवश्यक है।

बराबर मात्रा में नारंगी के छिलके का पाउडर और मुल्तानी मिट्टी मिलाकर एक हेयर पैक बना लें। इसे अपने सिर की त्वचा और बालों पर लगा लें। 20 मिनट के लिए इस पैक को अपने बालों पर लगा ही छोड़ दें और फिर पानी से धो लें।

अपने बालों को धोने के लिए हल्के शैम्पू का उपयोग करें। इस घरेलू उपचार का उपयोग सप्ताह में एक या दो बार रूसी को कम करने के लिए प्रभावी ढंग से करें।

चार चम्मच मुल्तानी मिट्टी, दो चम्मच नींबू का रस, दो चमच्च शहद और डेढ़ कप सादे दही का एक मिश्रण तैयार कर लें। आप इसमें पानी की कुछ बूंदें भी मिला सकते हैं। इसे अपने बालों और सिर की त्वचा पर लगा लें और धोने से पहले 20 मिनट के लिए छोड़ दें। अंत में, शैम्पू और कंडीशनर की मदद से अपने बालों को अच्छे से धो लें। इस प्रक्रिया को सप्ताह में एक या दो बार दोहराएं।

अपने बालों को मॉइस्चराइज रखने और दो-मुंहे बाल को अलविदा कहने के लिए आपको बस समय-समय पर मुल्तानी मिट्टी से अपने बालों को धोना है। क्योंकि यह संचलन को उत्तेजित करती है, इससे आपके बाल चिकने और चमकदार तो बन ही जाएंगे, साथ ही यह बाल विकास को बढ़ावा देगी।

यदि आपके बाल पहले से ही दो मुंहे बालों का शिकार बन चुके हैं, तो गर्म जैतून का तेल पहले बालों में लगाएँ और फिर मुल्तानी मिट्टी और दूध के मिश्रण से अपने बालों को धो लें। अगले दिन, एक हल्के शैम्पू की मदद से अपने बालों को धो लें। सप्ताह में एक या दो बार इस प्रक्रिया को दोहराएं।

Multani Mitti Benefits In Hindi

मुलतानी मिट्टी में बादाम के कुछ टुकड़ों को कूटकर डाल दीजिए और उसी में कुछ मात्रा में दूध मिला लीजिए. इसे चेहरे पर लगाने से चेहरा कोमल भी बना रहेगा और साफ भी हो जाएगा.

पुदीने की कुछ पत्तियों को मिक्सर में पीस लीजिए. इसमें कुछ मात्रा में दही मिला लीजिए. इस पेस्ट को मुलतानी मिट्टी में मिलाकर लगाने से चेहरे के दाग-धब्बे दूर हो जाते हैं.

 गुलाब जल को मुलतानी मिट्टी में मिलाकर लगाने से चेहरे पर निखार आता है. पेस्ट को तब तक चेहरे पर लगा रहने दें जब तक वो सूख न जाए. इस पेस्ट को लगाने से चेहरे पर मौजूद अतिरिक्त ऑयल साफ हो जाता है.

पपीते के एक चम्मच गूदे और एक से दो बूंद शहद को मुलतानी मिट्टी में मिलाकर पेस्ट बना लीजिए. इस पेस्ट को लगाने से चेहरा निखर जाएगा.

चंदन पाउडर में एक चम्मच टमाटर का रस मिला लीजिए. अब इसे मुलतानी मिट्टी में मिलाकर पेस्ट तैयार कर लीजिए. इस पेस्ट को चेहरे पर लगाने से दाग-धब्बे दूर हो जाते हैं.
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Multani Mitti Side Effects - मुल्तानी मिट्टी के नुकसान

ऊपर दिये गए मुल्तानी मिट्टी के फायदों को जानकर हम यह समझ सकते हैं की यह हमारे लिए कितनी लाभदायक हैं। मुल्तानी मिट्टी के कोई गंभीर नुकसान नहीं हैं पर इसका प्रयोग करने से पहले आपको निम्न बातों को अपने ध्यान में रखना बहुत ही आवश्यक है।

मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल ज्यादातर तैलीय त्वचा के लोगों के लिए फायदेमंद होता है। सूखी त्वचा व सेंसेटिव त्वचा पर मुल्तानी मिट्टी के कई दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं जैसे कि त्वचा की कोमलता कम हो सकती है।

ठंडे प्रभावों के कारण मुल्तानी मिट्टी से लोगों में सांस संबंधी समस्याएं भी उजागर हो सकती हैं। खासतौर पर सीने के आस-पास के भागों पर इस्तेमाल करने से। इससे किसी किसी को खांसी, जुकाम जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं।
मुल्तानी मिट्टी से बनी ईंट, चाक का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे पथरी जैसी गंभीर बीमारी होने की संभावना रहती है।

यह आपकी त्वचा को शुष्क बना सकती हैं।

यह आपकी त्वचा को डिहाइड्रेशन भी कर सकती हैं।

मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग सावधानी से करें क्योंकि इसकी धूल साँस लेने में परेशानी पैदा कर सकती हैं।

मुल्तानी मिट्टी का सेवन न करें, इसे खाने से गुर्दे की पथरी या आंतों में जलन हो सकती है।

हमेशा वास्तविक और अच्छी गुणवत्ता वाली मुल्तानी मिट्टी को ही चुनें।

मुल्तानी मिट्टी को ठंडी और सूखी जगह पर स्टोर करें और हमेशा गर्मी, हवा और धूप से दूर रखें।

इसे फ्रिज में या किसी एयर टाइट जार में स्टोर करें।

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