हल्‍दी वाला दूध पीने का जबरदस्‍त फायदा / Turmeric Milk Benefits in Hindi

हल्‍दी वाला दूध पीने का जबरदस्‍त फायदा / Turmeric Milk Benefits in Hindi


Turmeric Milk Benefits in Hindi
Turmeric Milk Benefits in Hindi


Turmeric Milk, हल्दी वाला दूध |Health Benefits of turmeric milk | हल्दी वाले दूध के अनगिनत फायदे

दूध पीना फायदेमंद होता है. दूध में विटामिन ए, के और बी 12, थाइमिन और निकोटिनिक एसिड, मिनरल जैसे- कैल्शियम, फास्फोरस, सोडियम और पोटेशियम पाए जाते हैं, जो हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद है और इससे हमें ताकत मिलती है.


यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और मजबूत करता है. अगर इसमें हल्दी मिला ली जाए तो यह और भी गुणकारी हो जाता है.

इसीकारण ज्यादातर लोग ठंड के दिनों में हल्दी वाला दूध पीते हैं.

हल्दी और दूध के प्राकृतिक प्रतिजैविक गुण होते हैं। इन दो प्राकृतिक अवयवों को अपने दैनिक आहार में सम्मिलित कर आप कई बीमारियों और संक्रमणों को रोक सकते हैं।

हल्दी को जब दूध के साथ मिश्रित किया जाता है तो यह कई स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं में फायदेमन्द होता है।

हल्दी वाले दूध के बहुत फायदे हैं. सर्दी-खांसी से रखे दूर हल्दी वाले दूध में मौजूद एंटीबायोटिक्स शरीर के फ्री रेडिकल सेल्स से लड़ते हैं.

यही वजह है कि दूध में हल्‍दी मिलाकर पीने से बदलते मौसम में होने वाली सर्दी-खांसी, गले की खिचखिच और सीज़नल बुखार से छुटकारा मिल जाता है.

Turmeric Milk Benefits in Hindi
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हल्‍दी वाले दूध को बनाने कि विधि- How to make turmeric milk


एक इन्च हल्दी के टुकड़े को लें।

दूध में 15 मिनट के लिये उबालें।

दूध से हल्दी को छान लें।

दूध को ठंडा करके पियें।

कहते हैं कि हल्दी, हर रोग का इलाज होती है. करक्यूमिन, हल्दी में उत्पन्न होने वाला पदार्थ है. यह अदरक के परिवार का हिस्सा है, जो खाने को रंग देने के लिए डाला जाता है.

हल्दी के औषधीय गुण बहुत से लोगों को पता है.


खरोंच के निशान, मोच, ज़ख्म और सूजन को ठीक करने के लिए हल्दी को सदियों से इस्तेमाल में लाया जा रहा है.

भारत में लोगों द्वारा लिए जा रहे फास्ट फूड की वजह से करक्यूमिन (हल्दी) को लेने की मात्रा कम हो गई है.

Turmeric Milk Benefits in Hindi
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हल्दी वाले दूध के फायदे | Turmeric Milk Benefits in Hindi


1- साँस सम्बन्धी बीमारियाँ

हल्दी वाला दूध प्रतिजैविक होने के कारण जीवाणु और विषाणु के संक्रमण पर हमला करता है।

इससे श्वास सम्बन्धी बीमारियों के उपचार में लाभ मिलता है, क्योंकि यह मसाला आपके शरीर में गरमाहट लाता है और फेफड़े तथा साइनस में जकड़न से तुरन्त राहत मिलती है।

यह अस्थमा और ब्रान्काइटिस के निदान का प्रभावशाली उपचार भी है।

2- कैन्सर / Turmeric milk benefits for cancer

जलन और सूजन कम करने वाले गुणों के कारण यह स्तन, त्वचा, फेफड़े, प्रॉस्ट्रेट और बड़ी आँत के कैन्सर को रोकता है।

यह कैन्सर कोशिकाओं से डीएनए को होने वाले नुकसान को रोकता है और कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम करता है।

3. हल्दी दूध के लाभ हैं सर्दी खांसी में - Haldi milk for cold and cough in Hindi

हल्दी में एंटीवायरल और जीवाणुरोधी गुण होते हैं जो कई प्रकार के संक्रमणों से लड़ने में मदद कर सकते हैं।

हल्दी एंटीसेप्टिक और सूजन को कम करने वाले गुणों से समृद्ध है जो संक्रमण के साथ-साथ खाँसी या ठंड के लक्षणों से भी लड़ने में मदद करते हैं।

सोने से पहले एक गिलास हल्दी दूध को हल्का गर्म करें और इसे पिएं।

यदि आप इसमें अदरक और शहद मिलाएगें तो यह शरीर पर अपना असर ज्यादा अच्छे से करेगा, इससे गले की सूजन कम होगी है।

हल्दी दूध सूखी खांसी और अस्थमा के खिलाफ विशेष रूप से प्रभावी है।

4. हल्दी वाले दूध के औषधीय गुण गठिया से संबंधित समस्याओं में - Turmeric milk Benefits for arthritis problems in Hindi

हल्दी में सूजन को कम करने वाले गुणों के साथ गठिया और जलन को शांत करने की क्षमता है। यह पेय आपकी हड्डियों और जोड़ों को मजबूत करता है, साथ ही लचीलेपन में सुधार लाता है।

हल्दी का आंतरिक रूप से सेवन करना भी दर्द को कम कर सकता है।

किसी दवा का सेवन करने से बेहतर है कि आप गठिया दर्द के लिए हल्दी वाला दूध पिएं।

यह दर्द से बेहतर राहत देने का काम करता है। हल्दी वाले दूध में एंटीऑक्सिडेंट उपास्थि होते हैं जो जोड़ों के दर्द को ठीक करने में मदद करतइ हैं।

इसी तरह, यह रूमेटाइड गठिया (Rheumatoid arthritis) के लक्षणों के इलाज में भी मदद करता है।

5. हल्दी वाले दूध के गुण युवा त्वचा के लिए - Turmeric Milk benefits for skin in Hindi

Turmeric Milk Benefits in Hindi
Turmeric Milk Benefits for skin in Hindi


हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट मुक्त कणों से भी लड़ते हैं जो न केवल बीमारी का कारण होते हैं बल्कि उम्र बढ़ने का भी कारण होते हैं। इससे आपकी त्वचा युवा और स्वस्थ रहती है। त्वचा की अशुद्धियाँ हटाने के लिए हल्दी का उपयोग किया जाता है।

यह त्वचा को कोमल बनाता है, समय से पहले उम्र बढ़ने के अन्य संकेतों को रोकता है और मुँहासे को भी कम करता है।

हल्दी का आंतरिक रूप से उपयोग भी इन समस्याओं को दूर करता है। हल्दी दूध का नियमित रूप से सेवन एक्जिमा (eczema) पीड़ित लोगों को काफी राहत देता है।

6. जब चोट लग जाए - / Relieves pain

यदि किसी कारण से शरीर के बाहरी या अंदरूनी हिस्से में चोट लग जाए, तो हल्दी वाला दूध उसे जल्द से जल्द ठीक करने में बेहद लाभदायक है।

क्योंकि यह अपने एंटी बैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुणों के कारण बैक्टीरिया को पनपने नहीं देता।

शरीर के दर्द में हल्दी वाला दूध आराम देता है।  हाथ पैर व शरीर के अन्य भागों में दर्द की शिकायत होने पर रात को सोने से पहले हल्दी वाले दूध का सेवन करें।

7. हड्डियां बने मजबूत - Turmeric Milk Benefits for bones


दूध में कैल्श‍ियम होने के कारण यह हड्डियों को मजबूत बनाता है और हल्दी के गुणों के कारण रोगप्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। इससे हड्डी संबंधि‍त अन्य समस्याओं से छुटकारा मिलता है और ऑस्टियोपोरोसिस में कमी आती है।

8. पाचन तंत्र हो गड़बड़ - Turmeric Milk For Digestion in Hindi

Turmeric Milk Benefits in Hindi
Turmeric Milk Benefits for digestion in Hindi

हल्दी वाले दूध का सेवन, आपकी आंतो को स्वस्थ रखकर पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करता है। पेट के अल्सर, डायरिया, अपच, कोलाइटिस एवं बवासीर जैसी समस्याओं में भी हल्दी वाला दूध फायदेमंद है।

9. जब नींद न आए - Turmeric milk benefits for night sleep in Hindi

यदि आपको किसी भी कारण से नींद नहीं आ रही है, तो आपके लिए सबसे अच्छा घरेलू नुस्खा है, हल्दी वाला दूध। बस रात को भोजन के बाद सोने के आधे घंटे पहले हल्दी वाला दूध पीएं, और देखि‍ए कमाल।

10. वजन घटाने के लिए / benefits of turmeric milk for weight loss

व्यस्त दिनचर्या, बाहर का खाना, लंबे वक्त तक कुर्सी पर बैठे रहना, व्यायाम न करना, तनाव और ऐसे ही कई कारणों की वजह से लोग मोटापे की समस्या से ग्रसित हो रहे हैं।

जैसे-जैसे वजन बढ़ता है, वैसे-वैसे शरीर बीमारियों से घिरता चला जाता है। ऐसे में हल्दी दूध आपकी मदद कर सकता है।

हल्दी का दूध फैट को कम कर सकता है, जिससे आपके वजन को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

कुछ अध्ययनों के अनुसार, हल्दी दूध में मौजूद करक्यूमिन (Curcumin) अधिक वजन वाले लोगों में वजन नियंत्रण का काम कर सकता है|

11. मस्तिष्क स्वास्थ्य / Turmeric milk for mental health in Hindi

हल्दी वाले दूध में मौजूद करक्यूमिन आपके मस्तिष्क स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। यह दिमाग से संबंधित अवसाद और अल्जाइमर (याददाश्त का जाना) के खतरे को कम करने में सहायक साबित हो सकता है।

यह पार्किंसंस रोग (दिमागी विकार) को दूर करने में भी मदद कर सकता है

12. इम्यूनिटी / Turmeric milk Benefits for immunity

हल्दी दूध में मौजूद करक्यूमिन बतौर इम्यूनोमॉड्यूलेटरी एजेंट काम करता है। यह टी कोशिकाओं व बी कोशिकाओं समेत शरीर में मौजूद सभी स्वस्थ कोशिकाओं को बढ़ावा देने में मदद करता है।

इन सभी कोशिकाओं की मदद से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होने में मदद मिलती है।

करक्यूमिन शरीर में एंटीबॉडी प्रतिक्रिया को भी बढ़ावा देता है, जिसकी मदद से हमारा शरीर कई बीमारियों जैसे गठिया, कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह और अल्जाइमर से बचा रहता है।

 इसके अलावा, हल्दी वाले दूध के फायदे में आपको ठंड और गले की खराश से भी बचाना शामिल है

हल्दी दूध का उपयोग – How to Drink Turmeric Milk in Hindi

हल्दी दूध का उपयोग सीधे-सीधे करना ही फायदेमंद होता है। वैसे आप इसे सुबह नाश्ते के समय भी ले सकते हैं और रात को सोने से पहले भी इसका सेवन किया जा सकता है। हालांकि, हल्दी दूध पीने का सबसे सही समय रात में सोने से पहले ही माना जाता है।

कितना पिएं:

आप रोजाना 6 ग्राम हल्दी (इसमें मौजूद करक्यूमिन) का सेवन कर सकते हैं। चार से सात हफ्ते तक इस मात्रा में हल्दी का सेवन करना सुरक्षित माना गया है।

इस मात्रा में हल्दी का सेवन करने से आपके शरीर को हल्दी की वजह से किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचता है।

जी हां, हल्दी दूध का भी नुकसान शरीर को हो सकता है, वैसे दिनभर में कितनी हल्दी का सेवन करना चाहिए इसके लिए एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

वहीं, प्रतिदिन डेयरी उत्पादों की 3 सर्विंग्स ली जाने की सलाह दी जाती है। उदाहरण के तौर पर एक गिलास दूध, एक टुकड़ा पनीर और एक कटोरी दही।

इसके सेवन से आपको पर्याप्त पोषक तत्व मिल जाएंगे। वहीं, एक दिन में महज दूध की सीमित मात्रा की बात करें, तो यह 500 ml है।

ये हैं रात को दूध पीने के लाभ

दूध में ट्रीप्‍टोफन नामक अमीनो एसिड की मौजूदगी से नींद के हार्मोन स्‍तर को बढ़ाने में मदद मिलती है. इसी कारण से रात को दूध पीने से अच्‍छी नींद आती है.

- वहीं इसमें हल्दी मिलाकर पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.

- दूध कैल्शियम का अच्छा स्रोत है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है.

- दूध में प्रोटीन होता है जो कि मांसपेशियों के विकास के लिए लाभदायक होता है.


क्या होता जब आप अलग-अलग समय पर दूध पीते हैं

सुबह: पचाने में भारी होने के कारण सुबह दूध पीने से मना किया जाता है, लेकिन माना जाता है कि इस समय दूध पीने से दिनभर शरीर में एनर्जी बनी रहती है.

दोपहर: दोपहर के समय दूध पीना बुजुर्गों के लिए फायदेमंद होता है क्‍योंकि इससे शरीर को ताकत मिलती है.

शाम: शाम के समय दूध पीना आंखों के लिए बहुत अच्‍छा माना जाता है.

रात: रात को दूध पीना सबसे अच्‍छा माना जाता है क्‍योंकि इससे शरीर की दिन भर की थकान मिटती है और नींद अच्‍छी आती है.