Brinjal Benefits And Side Effects in Hindi


Brinjal Benefits And Side Effects in Hindi
Brinjal Benefits And Side Effects in Hindi
बैंगन के फायदे और नुकसान - Brinjal Benefits And Side Effects in Hindi

Brinjal Benefits: कई बार आपने लोगों को ये कहते सुना होगा कि बैंगन में कोई भी स्वास्थ्यवर्धक तत्व नहीं होता है और इसी वजह से वे इसे बे-गुण भी कहते हैं.

पर आपको बता दें कि स्वास्थ्य के लिहाज से बैंगन एक बेहद फायदेमंद सब्जी है.

खनिज लवणों में कैल्शियम, फास्फोरस, लौह-तत्व, पोटेशियम व मैंगनीज बैंगन में मध्यम मात्रा में उपस्थित रहते हैं।

कुछ मात्रा में विटामिन ‘ए' व ‘बी' कॉम्पलेक्स भी बैंगन में पाये जाते हैं। बैंगन खाने से मधुमेह और हृदय रोग जैसी बीमारियां दूर होती हैं।


बैंगन की सब्जी भारतीय उपमहाद्वीप में प्राचीन काल से ही इस्तेमाल होने वाली सब्जी में से है. हलांकि अब इसे दुनिया भर में उगाया जाता है.

इसके कई रंग और रूप हैं. लगभग 800 साल पहले मध्य पूर्व और भूमध्य क्षेत्र में इसकी खेती की शुरुआत हुई थी जबकि इंग्लैण्ड में इसे 16वीं सदी से उगाया जाने लगा.

इसे भारत में सब्जियों का राजा कहा जाता है. क्योंकि यह सांस्कृतिक विरासत में सबसे अधिक बहुमुखी और कार्यात्मक खाद्य पदार्थों में से एक है.

Brinjal Benefits And Side Effects in Hindi
Brinjal Benefits And Side Effects in Hindi


इसका उपयोग सूप, स्टू, सॉस में और कई व्यंजनों में अकेले किया जाता है. यह स्वादिष्ट तो होता ही है साथ ही यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभदायक है.

इसमें विटामिन सी, विटामिन के, विटामिन बी 6, थायामिन, नियासिन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, कॉपर, फाइबर,पोटेशियम और मैंगनीज पाया जाता है.

इसकी एक विशेष बात ये है कि इसमें कोलेस्ट्रोल या संतृप्त वसा नहीं पाया जाता है. बैंगन के फायदे और नुकसान निम्लिखित हैं.

बैंगन के फायदे – Benefits of Brinjal in Hindi

Brinjal Benefits And Side Effects in Hindi
Brinjal Benefits And Side Effects in Hindi


बैंगन में विटामिन, फेनोलिक्स (कार्बोलिक एसिड) और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।

इन खास तत्वों की मौजूदगी के कारण बैंगन स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं को दूर करने के लिए एक औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

यह तो हुई सामान्य बात, अब हम इसके सेहत, त्वचा और बालों से संबंधित फायदों को थोड़ा विस्तार से जानेंगे।

1. पोषक तत्वों का खजाना


बैंगन में बहुत से ऐसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो दूसरी किसी सब्जी में नहीं मिलते हैं. बैंगन को लेकर सबसे बड़ा फायदा ये हैं कि ये काफी आसानी से मिल जाने वाली सब्जी है.

2. कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करता है


बैंगन के सेवन से रक्त में बैंगन के सेवन से रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर गिरता है। इस तरह के प्रभाव का प्रमुख कारण है। बैंगन में पोटेशियम व मैंगनीशियम की अधिकता।

बैंगन की पत्तियों के रस का सेवन करने से भी रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम किया जा सकता है।

3. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में


बैंगन में विटामिन सी पाया जाता है. जो संक्रमण से दूर रखने में तो कारगर है ही साथ ही ये रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी काफी फायदेमंद है.

4.बालों के लिए / Brinjal benefits for hair


बैंगन में मौजूद प्रचुर मात्रा में खनिज, विटामिन और पानी बालों की जड़ों को मजबूत को मजबूत बनता है. इसके लिए एक छोटे से बैंगन को मीन्स करे लें और उसे 10-15 मिनट के लिए अपनी खोपड़ी पर रगड़ें. अब गुनगुने पानी और हल्के शैम्पू के साथ बालों को धो लें.

5. पाचन के लिए


इसमें मौजूद आहार फाइबर, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्वास्थ्य और आंत्र की नियमित गतिविधि के लिए जरुरी होता है. ये हमारे आंत्र की गतिविधियों को बढ़ाता है जिससे पाचन सही रहता है.

फाइबर अंत में गैस्ट्रिक रस के स्राव को उत्तेजित करता है जिससे खाद्य पदार्थों के प्रसंस्करण के माध्यम से पोषक तत्व अवशोषित होते हैं. फाइबर हृदय रोग की समस्या में लाभदायक है.

6. मधुमेह के लिए


बैंगन में पाए जाने वाले फाइबर की मात्रा उच्च जबकि घुलनशील कार्बोहाइड्रेट कम मात्रा में पाया जाता है जो मधुमेह को संतुलित करने में मदद करते हैं.

ये ग्लूकोज और इंसुलिन गतिविधि को संतुलित करता है और मधुमेह जैसी समस्या में मदद करता है.

7. याददाश्त बढ़ाने में सहायक


बैंगन का उपयोग याददाश्त बढ़ाने में भी सहायक साबित हो सकता है। कारण यह है कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए आयरन, जिंक, फोलेट और विटामिन ए, बी व सी उपयोगी माना जाते हैं, जो बैंगन में भी उपलब्ध होते हैं।

इसलिए, ऐसा कहा जा सकता हैं कि बैंगन का सेवन इंसान में खुशी की भावना को जगाने का काम करता है। साथ ही यह दिमाग की कार्य क्षमता तो बढ़ाने में भी मददगार माना जाता है।

इंसान की याददाश्त दिमागी कार्य क्षमता पर निर्भर करती है, इस कारण बैंगन के गुण याददाश्त बढ़ाने में भी सहायक माने जा सकते हैं।

8. पोषक तत्वों से भरपूर है बैंगन


बैंगन एक बहुत ही पौष्टिक सब्जी है लेकिन कुछ लोग इसे बिना गुण वाली सब्जी मानते हैं।

अगर आप भी उन्हीं लोगों में से एक है और बैंगन की सब्जी नहीं खाते हैं तो आज हम आपको अवगत करवाते हैं बैंगन के ऐसे गुणों से जिन्हें जानने के बाद आपकी गलतफहमी दूर हो जाएगी।

जानिए बैंगन के ऐसे सात फायदों के बारे में जो सेहत से जुड़ी आपकी कई समस्याओं को दूर करने में मददगार हो सकते हैं

9. संक्रमण से मुक्ती


बैंगन में विटामिन सी बहुत अच्छी मात्रा में है जो प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है और शरीर को संक्रमण से मुक्त रखने में मदद करता है।

10. सिगरेट छोड़ने में मददगार


प्राकृतिक तरीके से सिगरेट छोड़ना चाहते हैं तो डाइट में बैंगन का सेवन अधिक करें। निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी के तहत इसमें मौजूद निकोटिन की सीमित मात्रा सिगरेट छोड़ने वाले लोगों के लिए मददगार हो सकती है।

11. दांत का दर्द


बैंगन का रस दांत के दर्द में लाभदायक प्रभाव दिखलाता है। अस्थमा के उपचार के लिये बैंगन की जड़ें प्रयुक्त की जाती हैं।

12. रक्त की कमी


आदिवासी चुल्हे पर भुने हुए बैंगन में थोडी सी शक्कर डालकर सुबह खाली पेट खाने की सलाह देते हैं, उनका मानना है कि ऐसा करने से शरीर में रक्त की कमी दूर हो जाती है

बैंगन के प्रकार – Types of Brinjal (Eggplant) in Hindi

Brinjal Benefits And Side Effects in Hindi
Brinjal Benefits And Side Effects in Hindi


बैंगन के प्रकार की बात करें, तो मुख्य रूप से ये सात प्रकार के होते हैं। आइए, इनके बारे में थोड़ा विस्तार से जानते हैं।

जापानी बैंगन- बैंगन का यह प्रकार मुख्य रूप से जापान में पैदा होता है। यह आकार में लंबा और पतला होता है। इसका रंग लगभग काला होता है और यह ऊपर से दिखने में चमकदार होता है।

पकाए जाने के बाद यह मुंह में घुल जाता है और खाने में यह कुछ मलाई के समान महसूस होता है।

चाइनीज बैंगन – बैंगन का यह प्रकार जापानी बैंगन के समान ही दिखता है, लेकिन यह जापानी बैंगन के मुकाबले ज्यादा लंबा, हल्का और कम मीठा होता है।

इसमें बीज काफी कम होते हैं और रसदार गूदा होता है। बैंगन के इस प्रकार को खासतौर पर भूनकर खाने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है।

ग्राफिटी बैंगन– बैंगन के इस प्रकार का नाम इसके रंग-रूप के कारण ही पड़ा है। दरअसल, इसकी बाहरी सतह पर धारीदार और बिखरे हुए निशान पाए जाते हैं। इसका छिलका पतला और बीज छोटे होते हैं। सामान्य रूप से यह हर आकर में पाया जाता है।

इसकी खासियत यह है कि इसे हर प्रकार से पका कर खाया जा सकता है।

इसी कारण बैंगन का यह प्रकार दुनियाभर में मशहूर है। इसे कई उपनामों से पुकारा जाता है जैसे:- पर्पल रेन (Purple Rain), पेंडोरा स्ट्राइप्ड रोज (Pandora Striped Rose), शूटिंग स्टार्स (Shooting Stars), फेयरीटेल (Fairytale) और लिस्टडा डी गांडिया (Listada De Gandia)।

बियांका बैंगन– यह बैंगन की इटालियन किस्म है। यह बड़ा और गोल आकार का होता है। इसका रंग सफेद होता है। इसका गूदा मलाईदार और स्वाद मीठा होता है। इस कारण यह भरवां और रसदार दोनों प्रकार से बनाकर खाया जा सकता है।

टैंगो बैंगन– बैंगन का यह प्रकार रंग में सफेद और आकार में अंडे के समान होता है। इसकी बाहरी त्वचा मोटी और गूदा अधिक व मलाईदार होता है।

इसकी खासियत यह है कि कटाई के बाद इसका रंग सफेद से पीला होने लगता है। वहीं, समय बीतने के साथ-साथ इसका गूदा सख्त होता जाता है।

सैंटाना बैंगन- यह बैंगन की इटालियन किस्म का एक खास प्रकार है। यह साइज में बड़ा होता है, लेकिन दिखने में पानी की एक बूंद जैसा होता है।

यह गहरे बैंगनी रंग का होता है। बैंगन के इस प्रकार को मुख्य रूप से भून कर पकाने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है। बैंगन का यह प्रकार खासतौर पर टर्किश डिश घनौश बनाने के लिए प्रसिद्ध है।

थाई बैंगन– बैंगन का यह प्रकार आकार में गोल्फ बॉल के समान दिखाई देता है। इसका रंग हल्का हरा होता है। इसकी बाहरी त्वचा पर सफेद और पीली धारियां पाई जाती हैं।

स्वाद में यह कड़वा होता है। वहीं, पकाने से पहले इसके बीज निकालने की जरूरत पड़ती है।

बैंगन खाने के नुकसान - Brinjal side effects in Hindi


Brinjal Benefits And Side Effects in Hindi
Brinjal Benefits And Side Effects in Hindi


बैंगन के कुछ नुकसान भी हैं जिन्हें अनदेखा करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है ।

यह नाइटशेड (nightshade) परिवार से है जो एलर्जी पैदा कर सकता है। हालांकि बैंगन टमाटर या मिर्च की तरह एलर्जी के रूप में आमतौर से नहीं जाना जाता है, फिर भी अगर आपको बैंगन से एलर्जी है तो इसका सेवन नहीं करें।

गर्भवती महिलाओं को बहुत अधिक बैंगन नहीं खाना चाहिए क्योंकि यह प्राकृतिक मूत्रवर्धक है और भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकता है।

अगर आप अवसादरोधी (antidepressant) दवा ले रहे हैं तो बैंगन का सेवन नहीं करें क्योंकि यह दवाओं के असर को कम कर सकता है।

तला हुआ बैंगन अच्छा तो बहुत लगता है पर तलने से इसके कई स्वास्थ्य लाभ गायब भी हो जाते हैं।

क्योंकि बैंगन अधिक तेल सोखता है जो वसा होता है जिसके कारण आपका वजन बढ़ सकता है और आपके दिल को भी नुकसान पहुँच सकता है।

जबकि बैंगन को बेक करने से इसके पोषक तत्व भी रहते हैं और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं भी नहीं होती हैं।